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2026 में भारत के 5 सर्वश्रेष्ठ पुरुष रग्बी खिलाड़ी

akanksha pic By - Wednesday, Oct 28, 2026
Last Updated on Oct 28, 2026 11:29 PM

2026 में भारत के शीर्ष पुरुष रग्बी खिलाड़ियों में सुमित कुमार रॉय, मोहित खत्री, राजन रावत, प्रिंस खत्री और करण राजभर शामिल हैं। इन पांच खिलाड़ियों ने पेशेवर फ्रेंचाइजी रग्बी, राष्ट्रीय चैंपियनशिप और भारत की अंतरराष्ट्रीय सेवन्स टीम से जुड़े अपने प्रदर्शन के जरिए पहचान बनाई है। उनका प्रदर्शन रग्बी में सफलता के लिए जरूरी अलग-अलग क्षमताओं को दर्शाता है, जिनमें तेजी से ट्राई करना, कन्वर्जन में सटीकता, नेतृत्व और निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना शामिल है।

राजन रावत 2026 की सीनियर नेशनल रग्बी 7s चैंपियनशिप में अपने आंकड़ों के आधार पर सबसे अलग नजर आते हैं। उन्होंने आठ ट्राई और 18 कन्वर्जन की मदद से कुल 76 अंक हासिल किए और टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बने। करण राजभर ने भी शानदार आक्रामक प्रदर्शन करते हुए 11 ट्राई किए, जबकि सुमित कुमार रॉय रग्बी प्रीमियर लीग (RPL) की नीलामी में सबसे महंगे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बनने के कारण चर्चा में रहे।

ऐसी कोई एक आधिकारिक रैंकिंग नहीं है, जो इन पांच खिलाड़ियों को भारत के निश्चित रूप से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित करती हो। यह संपादकीय सूची 2026 में उनके प्रदर्शन, राष्ट्रीय टीम में भागीदारी, पेशेवर लीग में पहचान और अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरुष रग्बी खिलाड़ियों की मुख्य जानकारी

खिलाड़ी राज्य प्रमुख उपलब्धि
1. सुमित कुमार रॉय पश्चिम बंगाल RPL 2026 की नीलामी में सबसे महंगे भारतीय पुरुष खिलाड़ी
2. मोहित खत्री हरियाणा चेन्नई बुल्स ने 3.5 लाख रुपये में खरीदा
3. राजन रावत राजस्थान सीनियर नेशनल्स में 76 अंकों के साथ शीर्ष स्कोरर
4. प्रिंस खत्री हरियाणा रग्बी इंडिया की खिलाड़ी सूची में शामिल राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
5. करण राजभर पश्चिम बंगाल सीनियर नेशनल्स में 11 ट्राई के साथ शीर्ष ट्राई स्कोरर

खिलाड़ियों की जानकारी और टूर्नामेंट के आंकड़े रग्बी इंडिया के खिलाड़ी रिकॉर्ड, नीलामी की घोषणाओं और चैंपियनशिप के स्कोरिंग रिकॉर्ड पर आधारित हैं।

1. सुमित कुमार रॉय: भारत के सबसे महंगे RPL खिलाड़ी

Sumit Kumar Roy

Image Source: Twitter

सुमित कुमार रॉय 2026 में भारत के प्रमुख पुरुष रग्बी खिलाड़ियों में शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन के साथ-साथ पेशेवर फ्रेंचाइजी रग्बी में उनकी पहचान ने उन्हें खास बनाया है। पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करने वाले रॉय को 2026 की रग्बी प्रीमियर लीग की नीलामी में हैदराबाद हीरोज ने 3.75 लाख रुपये में खरीदा। इस तरह वह नीलामी में सबसे महंगे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने।

यह नीलामी परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता चलता है कि फ्रेंचाइजी ने भारतीय खिलाड़ियों को अपनी टीमों में शामिल करने के लिए कितना महत्व दिया। इस प्रतियोगिता में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को एक साथ खेलने का अवसर मिलता है। RPL भारतीय खिलाड़ियों को अनुभवी विदेशी पेशेवरों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और तेज गति वाले खेल में अपनी क्षमता दिखाने का मंच प्रदान करती है।

2026 की सीनियर नेशनल रग्बी 7s चैंपियनशिप में रॉय का प्रदर्शन भी उनके योगदान को आंकड़ों के जरिए समझने का अवसर देता है। टूर्नामेंट के आधिकारिक स्कोरिंग रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने छह मैचों में नौ ट्राई और दो कन्वर्जन किए, जिससे उनके कुल 49 अंक बने। वह समग्र स्कोरिंग सूची में चौथे स्थान पर रहे।

पेशेवर लीग में मिली पहचान और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उनके मजबूत स्कोरिंग रिकॉर्ड का संयोजन उन्हें इस साल भारतीय रग्बी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल करता है।

वह क्यों खास हैं: रॉय ने पेशेवर फ्रेंचाइजी की नीलामी में अपनी पहचान बनाई और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया।

2. मोहित खत्री: हरियाणा के अनुभवी रग्बी खिलाड़ी

Mohit Khatri

Image Source: Twitter

मोहित खत्री 2026 में भारत के पुरुष रग्बी परिदृश्य के एक अन्य महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। हरियाणा के इस खिलाड़ी को रग्बी प्रीमियर लीग की नीलामी में चेन्नई बुल्स ने 3.5 लाख रुपये में खरीदा। नीलामी की घोषणा के अनुसार, भारतीय पुरुष खिलाड़ियों में यह दूसरी सबसे बड़ी बोली थी।

रग्बी इंडिया की पुरुष खिलाड़ी सूची में खत्री को सेंटर के रूप में दर्ज किया गया है। रग्बी सेवन्स में प्रत्येक टीम में सात खिलाड़ी होते हैं और मैचों में गति, तेजी से निर्णय लेने तथा मैदान पर उपलब्ध जगह का प्रभावी इस्तेमाल करने की जरूरत होती है। सेंटर की भूमिका आक्रमण को आगे बढ़ाने और विरोधी टीम की रक्षापंक्ति में मौजूद खाली जगह का फायदा उठाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

मई 2026 में सेंट्रल एंड साउथ एशिया 7s के लिए घोषित भारत की पुरुष टीम में खत्री को उपकप्तान भी बनाया गया था। हालांकि, 14 मई को जारी आधिकारिक अपडेट में पुष्टि की गई कि प्रशिक्षण शिविर के अंतिम अभ्यास सत्रों के दौरान चोट लगने के कारण उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। उनकी जगह करण राजभर को टीम में शामिल किया गया।

राष्ट्रीय टीम में चयन और फ्रेंचाइजी की ओर से मिली पहचान घरेलू रग्बी में उनकी स्थिति को दर्शाती है। हालांकि, 2026 में उनकी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का आकलन करते समय चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर होने की जानकारी को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

वह क्यों खास हैं: खत्री ने पेशेवर फ्रेंचाइजी और राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ताओं, दोनों का ध्यान आकर्षित किया है।

3. राजन रावत: राष्ट्रीय चैंपियनशिप के शीर्ष स्कोरर

Rajan Rawat

Image Source: Twitter

राजन रावत ने 2026 में भारतीय पुरुष रग्बी में व्यक्तिगत प्रदर्शन के सबसे प्रभावशाली उदाहरणों में से एक पेश किया। राजस्थान के इस खिलाड़ी ने सीनियर नेशनल रग्बी 7s चैंपियनशिप में छह मैचों के दौरान कुल 76 अंक हासिल किए और टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बने। टूर्नामेंट के आधिकारिक स्कोरिंग रिकॉर्ड के अनुसार, उनके कुल अंकों में आठ ट्राई और 18 कन्वर्जन शामिल थे।

उनके अंकों का विवरण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। आठ ट्राई से उन्हें 40 अंक मिले, जबकि 18 सफल कन्वर्जन ने उनके खाते में 36 और अंक जोड़े। रग्बी सेवन्स में एक ट्राई के पांच अंक और कन्वर्जन के दो अंक होते हैं। इसलिए ट्राई करने के साथ-साथ कन्वर्जन को सफल बनाना भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होता है।

रावत का कन्वर्जन रिकॉर्ड उन्हें उन खिलाड़ियों से अलग बनाता है, जो मुख्य रूप से ट्राई करने पर निर्भर रहते हैं। उनके स्कोरिंग आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने राजस्थान के लिए आक्रमण के अवसरों को अंकों में बदलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके बाद उन्हें ताशकंद, उज्बेकिस्तान में 16 और 17 मई 2026 को होने वाले सेंट्रल एंड साउथ एशिया 7s के लिए भारत की पुरुष टीम में शामिल किया गया। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिला।

रावत के आंकड़े उन्हें 2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पुरुष रग्बी खिलाड़ियों में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं, खासकर जब व्यक्तिगत स्कोरिंग को मुख्य आधार माना जाए।

वह क्यों खास हैं: 2026 सीनियर नेशनल्स में रावत 76 अंकों के साथ शीर्ष स्कोरर रहे। उनके और दूसरे स्थान पर रहे स्कोरर के बीच 17 अंकों का अंतर था।

4. प्रिंस खत्री: भारतीय रग्बी का एक जाना-पहचाना नाम

Prince Khatri

Image Source: Twitter

प्रिंस खत्री को रग्बी इंडिया की पुरुष खिलाड़ी सूची में हरियाणा के प्रतिनिधि के रूप में दर्ज किया गया है। इस सूची में उनकी मौजूदगी भारतीय रग्बी के वरिष्ठ पुरुष खिलाड़ियों के समूह में उनकी जगह को दर्शाती है। हालांकि, 2026 के उपलब्ध स्कोरिंग आंकड़ों के आधार पर वह टूर्नामेंट के शीर्ष व्यक्तिगत स्कोररों में शामिल नहीं हैं।

2026 की सीनियर नेशनल रग्बी 7s चैंपियनशिप में उन्होंने छह मैचों के दौरान चार ट्राई किए और कुल 20 अंक हासिल किए। यह आंकड़ा रावत के 76 अंकों की तुलना में काफी कम है, लेकिन किसी रग्बी खिलाड़ी के योगदान को केवल स्कोरिंग के आधार पर नहीं आंका जा सकता। रक्षात्मक खेल, मैदान पर सही स्थिति बनाए रखना, टीम के साथ तालमेल और खेल की संरचना को बनाए रखने की क्षमता भी मैच के परिणाम को प्रभावित कर सकती है।

सेंट्रल एंड साउथ एशिया 7s से पहले भारत की सीनियर पुरुष टीम के प्रारंभिक प्रशिक्षण शिविर के लिए घोषित सूची में भी प्रिंस खत्री का नाम शामिल था। प्रशिक्षण शिविर में चयन राष्ट्रीय टीम की चयन प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को दर्शाता है। हालांकि, इसे अंतिम टीम में जगह मिलने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।

राष्ट्रीय खिलाड़ी सूची और चैंपियनशिप रिकॉर्ड में उनकी मौजूदगी उन्हें हरियाणा की रग्बी प्रतिभाओं और भारत के सीनियर पुरुष कार्यक्रम पर नजर रखने वाले पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण नाम बनाती है।

वह क्यों खास हैं: खत्री भारतीय रग्बी की प्रतिस्पर्धात्मक गहराई में योगदान देने वाले वरिष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं।

5. करण राजभर: पश्चिम बंगाल के शानदार ट्राई स्कोरर

Karan Rajbhar

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करण राजभर ने 2026 की सीनियर नेशनल रग्बी 7s चैंपियनशिप में आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल के इस खिलाड़ी ने छह मैचों में 11 ट्राई किए और कुल 55 अंकों के साथ समग्र स्कोरिंग सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। टूर्नामेंट के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उनके सभी अंक ट्राई से आए।

चैंपियनशिप की व्यक्तिगत सूची में किसी भी खिलाड़ी ने उनसे अधिक ट्राई नहीं किए। इस उपलब्धि ने उन्हें खास तौर पर उनकी फिनिशिंग क्षमता और पूरे टूर्नामेंट के दौरान बार-बार ट्राई लाइन पार करने की योग्यता के लिए उल्लेखनीय बनाया।

उनके प्रदर्शन के बाद उन्हें ताशकंद में होने वाले सेंट्रल एंड साउथ एशिया 7s के लिए भारत की संशोधित पुरुष टीम में जगह मिली। रग्बी इंडिया की 14 मई की घोषणा में पुष्टि की गई कि चोट के कारण बाहर हुए मोहित खत्री की जगह राजभर को टीम में शामिल किया गया। इस चयन से उन्हें अंतरराष्ट्रीय सेवन्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।

राष्ट्रीय चैंपियनशिप के आंकड़े राजभर और रावत की आक्रामक खेल शैली के बीच अंतर भी दिखाते हैं। रावत ने ट्राई के साथ बड़ी संख्या में कन्वर्जन भी किए, जबकि राजभर के सभी अंक ट्राई से आए। दोनों तरह के योगदान महत्वपूर्ण हैं, लेकिन राजभर का टूर्नामेंट में सबसे अधिक ट्राई करना उन्हें आक्रामक रग्बी पसंद करने वाले प्रशंसकों के लिए खास खिलाड़ी बनाता है।

वह क्यों खास हैं: राजभर ने 2026 सीनियर नेशनल्स में सर्वाधिक 11 ट्राई किए और राष्ट्रीय टीम में चयन के साथ अपने सीजन में एक और उपलब्धि जोड़ी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में भारत का सर्वश्रेष्ठ पुरुष रग्बी खिलाड़ी कौन है?

2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरुष रग्बी खिलाड़ी का नाम तय करने वाली कोई एक आधिकारिक रैंकिंग नहीं है। सीनियर नेशनल रग्बी 7s चैंपियनशिप के आधार पर राजन रावत का दावा सबसे मजबूत है। उन्होंने छह मैचों में 76 अंक हासिल किए।

2026 सीनियर नेशनल रग्बी 7s चैंपियनशिप का शीर्ष स्कोरर कौन था?

राजस्थान के राजन रावत 76 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहे। उन्होंने आठ ट्राई और 18 कन्वर्जन किए। पश्चिम बंगाल के करण राजभर 55 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे और 11 ट्राई के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष ट्राई स्कोरर बने।

रग्बी प्रीमियर लीग 2026 की नीलामी में सबसे महंगा भारतीय खिलाड़ी कौन था?

सुमित कुमार रॉय नीलामी में सबसे महंगे भारतीय पुरुष खिलाड़ी रहे। उन्हें हैदराबाद हीरोज ने 3.75 लाख रुपये में खरीदा। चेन्नई बुल्स ने मोहित खत्री को 3.5 लाख रुपये में खरीदा, जिससे वह भारतीय खिलाड़ियों में दूसरी सबसे बड़ी बोली पाने वाले खिलाड़ी बने।

2026 में सेंट्रल एंड साउथ एशिया 7s के लिए किन भारतीय रग्बी खिलाड़ियों का चयन हुआ था?

भारत की संशोधित पुरुष टीम में सुमित कुमार रॉय, राजन रावत और करण राजभर सहित कई खिलाड़ी शामिल थे। चोट के कारण मोहित खत्री के बाहर होने के बाद करण राजभर को टीम में शामिल किया गया। खत्री को प्रशिक्षण शिविर के अंतिम अभ्यास सत्रों के दौरान चोट लगी थी।

रग्बी यूनियन और रग्बी सेवन्स में क्या अंतर है?

रग्बी यूनियन में सामान्य रूप से प्रत्येक टीम में 15 खिलाड़ी होते हैं, जबकि रग्बी सेवन्स में प्रत्येक टीम सात खिलाड़ियों के साथ खेलती है। सेवन्स के मैच छोटे होते हैं और इनमें गति, खुले मैदान में दौड़ने, फिटनेस तथा तेजी से निर्णय लेने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। सीनियर नेशनल रग्बी 7s चैंपियनशिप और रग्बी प्रीमियर लीग भारत के सेवन्स खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करती हैं।

2026 में भारत के पुरुष रग्बी में किन राज्यों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया?

पश्चिम बंगाल से सुमित कुमार रॉय और करण राजभर जैसे खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। हरियाणा का प्रतिनिधित्व मोहित खत्री और प्रिंस खत्री ने किया, जबकि राजस्थान के राजन रावत व्यक्तिगत स्कोरिंग सूची में शीर्ष पर रहे।

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