Dinesh Karthik की कप्तानी का दिखा कमाल, फाइनल में तमिलनाडु ने बड़ौदा को हराकर जीता सैयद मुश्ताक अली का खिताब

बायें हाथ के स्पिनर एम सिद्धार्थ की फिरकी के जादू की बदौलत तमिलनाडु ने रविवार को यहां फाइनल में बड़ौदा को सात विकेट से हराकर दूसरी बार सैयद मुश्ताक अली राष्ट्रीय टी20 टूर्नामेंट (Syed Mushtaq Ali ) का खिताब जीता. टूर्नामेंट में तमिलनाडु के कप्तान दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) का परफॉर्मेंस बतौर कप्तान और फिनिशर के तौर पर जबरदस्त रहा

बायें हाथ के स्पिनर एम सिद्धार्थ की फिरकी के जादू की बदौलत तमिलनाडु ने रविवार को यहां फाइनल में बड़ौदा को सात विकेट से हराकर दूसरी बार सैयद मुश्ताक अली राष्ट्रीय टी20 टूर्नामेंट (Syed Mushtaq Ali ) का खिताब जीता. टूर्नामेंट में तमिलनाडु के कप्तान दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) का परफॉर्मेंस बतौर कप्तान और फिनिशर के तौर पर जबरदस्त रहा. बड़ौदा के 121 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए तमिलनाडु ने सलामी बल्लेबाज सी हरि निशांत (35), बाबा अपराजित (नाबाद 29) और कप्तान दिनेश कार्तिक (22) की पारियों की मदद से 12 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 123 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। शाहरूख खान ने अंत में सात गेंद में नाबाद 18 रन बनाए. सिद्धार्थ (20 रन पर चार विकेट) की बलखाती गेंदों के सामने बड़ौदा की टीम विष्णु सोलंकी (49) और अतित सेठ (29) के बीच सातवें विकेट की 58 रन की साझेदारी के बावजूद नौ विकेट पर 120 रन ही बना सकी. आर साई किशोर ने चार ओवर में सिर्फ 11 रन दिए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. सोलंकी और सेठ ने हालांकि अंतिम चार ओवर में 50 रन जोड़कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया.

लक्ष्य का पीछा करने उतरे तमिलनाडु के लिए एन जगदीशन (14) और निशांत ने पहले विकेट के लिए 26 रन जोड़े. लुकमान मेरिवाला ने जगदीशन को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. निशांत और बाबा अपराजित ने इसके बाद 12वें ओवर में टीम का स्कोर 67 रन तक पहुंचाया. बाबा शफी पठान ने निशांत को भार्गव भट के हाथों कैच कराके पवेलियन भेजा. अपराजित और कार्तिक ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। टीम को अंतिम छह ओवर में जीत के लिए 40 रन की दरकार थी. कार्तिक ने पठान पर लगातार दो चौकों के साथ तमिलनाडु का पलड़ा भारी किया. सेठ ने हालांकि कार्तिक को पवेलियन भेजा लेकिन शाहरूख ने मेरिवाला पर दो चौके और छक्का जड़कर टीम की जीत सुनिश्चित की.

तमिलनाडु के कप्तान कार्तिक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया जिसे गेंदबाजों ने सही साबित किया। स्पिनरों आर साई किशोर और बाबा अपराजित ने गेंदबाजी की शुरुआत की. अपराजित ने पारी के दूसरे ओवर की अपनी पहली ही गेंद पर निनाद राथवा (01) को अरूण कार्तिक के हाथों कैच करा दिया. सेमीफाइनल में टीम की जीत में अर्धशतक जड़ने वाले कप्तान केदार देवधर (16) ने एम सिद्धार्थ पर लगातार दो चौके मारे लेकिन बायें हाथ के इस स्पिनर की गेंद को एन जगदीशन के हाथों में खेल गए. सिद्धार्थ ने अगले ओवर में स्मिट पटेल (01) को पगबाधा किया जबकि भानू पूनिया (00) रन आउट हुए जिससे बड़ौदा का स्कोर 28 रन पर चार विकेट हो गया. पावर प्ले में सभी छह ओवर स्पिनरों ने किए जिसमें बड़ौदा की टीम तीन विकेट खोकर 28 रन ही बना सकी. सिद्धार्थ ने अपने तीसरे और पारी के नौवें ओवर में अभिन्यूसिंह राजपूत (02) और सिद्धार्थ ककाडे (04) को भी पवेलियन भेजा.

सोलंकी ने हालांकि एक छोर संभाले रखा और उन्हें सेठ के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला. दोनों ने 12वें ओवर में टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचाया. सोलंकी और सेठ ने अंतिम चार ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाज की. सेठ ने 17वें ओवर में सोनू यादव पर दो चौके मारे और फिर अगले ओवर में लेग स्पिनर मुरुगन अश्विन पर छक्का जड़ा. यादव ने सेठ को आउट करके सोलंकी के साथ उनकी साझेदारी का अंत किया. सोलंकी ने इस ओवर में दो छक्के मारे जबकि भार्गव भट (नाबाद 12) ने अंतिम ओवर में एम मोहम्मद की गेंद पर चौका और छक्का जड़ा. सोलंकी पांचवीं गेंद पर रन आउट हुए. उन्होंने 55 गेंद की अपनी पारी में एक चौका और दो छक्के मारे.


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