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Holi Bhai Dooj 2026 आज, 5 मार्च को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व भाई-बहन के प्यार और विश्वास का प्रतीक है। साल में भाई दूज दो बार मनाया जाता है – एक बार दिवाली के बाद कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को और दूसरी बार होली के बाद चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को। इसे भ्राता द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
इस दिन बहनें अपने भाइयों को घर बुलाकर उनका सम्मान करती हैं, उनके माथे पर तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं। भाई भी अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं, जिससे यह रिश्ता और मजबूत बनता है।
Holi Bhai Dooj 2026: तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त और समय
होली भाई दूज की द्वितीया तिथि 4 मार्च को शाम 4:48 बजे से शुरू हुई और 5 मार्च को शाम 5:03 बजे समाप्त होगी। इसका मतलब है कि आज सुबह से लेकर शाम 5:03 बजे तक बहनें अपने भाइयों को तिलक कर सकती हैं।
भाई का तिलक कैसे करें: आसान विधि
1. पूजा की तैयारी:
- साफ पूजा थाली तैयार करें और उसमें दीपक जलाएं।
2. तिलक सामग्री:
- केसर, लाल चंदन और गंगाजल मिलाकर चांदी या पीतल की कटोरी में रखें।
3. पूजा का आरंभ:
- कटोरी को भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित करें और 'ऊँ नमो नारायणाय' मंत्र का 27 बार जाप करें।
4. भगवान गणेश और विष्णु जी का तिलक:
- सबसे पहले भगवान गणेश और विष्णु जी को तिलक करें।
5. भाई का तिलक:
- भाई को चौकी पर बैठाएं और उसका मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें। बहन माथे पर तिलक लगाए, आरती उतारे और भाई की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना करें।
6. मिठाई और आशीर्वाद:
- तिलक के बाद बहन भाई को मिठाई खिलाए और भाई भी अपनी बहन का मुंह मीठा कराए।
- केसर, लाल चंदन और गंगाजल मिलाकर चांदी या पीतल की कटोरी में रखें।
3. पूजा का आरंभ:
- कटोरी को भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित करें और 'ऊँ नमो नारायणाय' मंत्र का 27 बार जाप करें।
4. भगवान गणेश और विष्णु जी का तिलक:
- सबसे पहले भगवान गणेश और विष्णु जी को तिलक करें।
5. भाई का तिलक:
- भाई को चौकी पर बैठाएं और उसका मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखें। बहन माथे पर तिलक लगाए, आरती उतारे और भाई की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना करें।
6. मिठाई और आशीर्वाद:
- तिलक के बाद बहन भाई को मिठाई खिलाए और भाई भी अपनी बहन का मुंह मीठा कराए।
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भाई दूज मनाने के सरल नियम
- भाई प्रातःकाल चंद्रमा का दर्शन करें।
- यमुना के जल से स्नान करें।
- बहन के घर जाएं और उनके हाथ से बना भोजन ग्रहण करें।
- बहन का तिलक करें और आरती उतारें।
- भाई अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहन को उपहार दें।
निष्कर्ष:
होली भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है। इस दिन किए गए तिलक, पूजा और मिठाई का आदान-प्रदान प्यार और विश्वास को बढ़ाता है।
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