By Aditya
April 03, 2026
वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विकट चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. विकट संकष्टी चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है.
चतुर्थी का व्रत बुद्धि के देवता भगवान गणेश को समर्पित है. भक्त विधि-विधान से व्रत रखते हैं, गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं.
इस साल वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 अप्रैल 2026, रविवार को पड़ रही है. सुबह 11:59 बजे चतुर्थी तिथि शुरू होगी. 6 अप्रैल 2026, सोमवार को दोपहर 02:10 बजे तक चतुर्थी तिथि रहेगी.
उदयातिथि और चंद्रोदय की गणना के अनुसार, 5 अप्रैल को विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा.
वैशाख विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा का ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:35 से 05:21 तक रहेगा, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 से दोपहर 12:49 तक रहेगा और सुबह 10:50 से दोपहर 12:24 तक अमृत काल रहेगा.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश के विकत स्वरुप की पूजा की जाती है, विकट यानी जो कठिन से कठिन संकट को भी दूर कर दें.
वैशाख विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से भक्त के जीवन से सभी संकट दूर होते हैं, आ रही रुकावटें और बाधाएं समाप्त होती हैं. सुख शांति का वास होता है.