By Akshay
July 23, 2026
ज़िम्बाब्वे T20I सीरीज़ से पहले, आकाश चोपड़ा ने यह सवाल उठाया कि क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली के बिना भारत की बल्लेबाज़ी बहुत ज़्यादा एकतरफ़ा हो गई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि भारत को यह नहीं सोचना चाहिए कि हर गेंद पर आक्रामक खेलना ही बल्लेबाज़ी का एकमात्र तरीका है।
चोपड़ा ने कहा कि रोहित और विराट के जाने के बाद, भले ही भारत आक्रामक बैटिंग की बात करता है, लेकिन असल में टीम ने हाल के मैचों में काफी संभलकर खेला है। उन्हें लगता है कि टीम ने अपनी असली क्षमता नहीं दिख
चोपड़ा ने कहा कि भारत ऐसी टीम चुन रहा है जो निडर होकर खेले, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वे असल में ऐसा कर पाएंगे। वह चाहते हैं कि टीम अपना दबदबा बनाए और साबित करे कि वे वाकई बेहतर हैं।
चोपड़ा ने नए खिलाड़ियों को जोखिम भरे शॉट्स से बचने और ज़रूरत पड़ने पर पार्टनरशिप बनाने पर ध्यान देने की सलाह दी।
चोपड़ा ने कहा कि अगर भारत सिर्फ़ बड़े शॉट्स पर निर्भर रहने के बजाय समझदारी भरी बल्लेबाज़ी और सोची-समझी आक्रामकता का मेल करे, तो वे जीत सकते हैं।
ज़िम्बाब्वे T20I सीरीज़ से पता चलेगा कि क्या भारत ने समझदारी भरी बल्लेबाज़ी और बेखौफ़ खेल के बीच संतुलन बना लिया है।