By Aditya
January 10, 2026
मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ के लड्डू खाते हैं। साथ ही, इस दिन तिल का दान करना महत्वपूर्ण है।
मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी का दान और खिचड़ी खाने का ही उतना ही महत्व है.
इसके पीछे धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं के साथ आयुर्वेदिक महत्व भी है.
पौराणिक कथा के अनुसार, गोरखनाथ के समय खिलजी के आक्रमण के दौरान योगी भोजन नहीं बना पाते थे और भूखे रहते थे.
ऐसे में गोरखनाथ ने दाल, चावल और सब्जियों को एक साथ पकाकर एक व्यंजन तैयार किया, हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला था जिसे खिचड़ी नाम दिया गया.
ज्योतिष के अनुसार, मकर संक्रांति पर सूर्य, शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. ऐसे में उड़द दाल की खिचड़ी खाने से सूर्य और शनि दोनों प्रसन्न होते हैं
इसके अलावा खिचड़ी के हर घटक का संबंध ग्रहों से सम्बन्ध होता है ऐसे में खिचड़ी दान और खाने से ग्रह शांत और मजबूत होते हैं,इसके अलावा खिचड़ी के हर घटक का संबंध ग्रहों से सम्बन्ध होता है