By Guest
May 10, 2026
इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 एक बार फिर विवादों में है
लेकिन इस बार मुद्दा किसी मैच या फैसले को लेकर नहीं, बल्कि 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को लेकर है
कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता सीएम शिवकुमार नायक (CM Shivakumar Nayak) ने इसे लेकर आरोप लगाया है.
उनका कहना कि इतनी कम उम्र के खिलाड़ी को IPL जैसे बड़े और व्यावसायिक टूर्नामेंट में शामिल करना 'बाल श्रम' (child labour) की श्रेणी में आ सकता है.
नायक ने इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है.
उनका तर्क है कि नाबालिगों को इस तरह के बड़े प्रोफेशनल और कमर्शियल इवेंट में शामिल करना मौजूदा कानूनों का उल्लंघन हो सकता है.
हालांकि, जैसे ही यह मुद्दा सामने आया, सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली.
बड़ी संख्या में यूज़र्स ने इस शिकायत को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया. कई लोगों ने 'चाइल्ड लेबर' और प्रोफेशनल स्पोर्ट्स की तुलना को ही गलत ठहराया.
कुछ यूज़र्स ने इसे 'हद से ज्यादा बेवकूफी' बताया, तो कुछ ने पूरे विवाद को 'एंटरटेनमेंट' करार दिया.
वहीं, एक वर्ग ऐसा भी है जो मानता है कि देश के युवा टैलेंट को आगे बढ़ाने की जरूरत है, न कि उन्हें कानूनी उलझनों में फंसाने की.
वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की सफलता को कई लोग भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य से जोड़कर देख रहे हैं.
ऐसे में यह विवाद अब खेल और कानून के बीच संतुलन की बहस बनता जा रहा है.